
हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी
श्रीनगर गढ़वाल। केदारनाथ यात्रा मार्ग पर हुए एक दर्दनाक हादसे के बाद गंभीर मस्तिष्क चोट से जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहे दिल्ली निवासी 18 वर्षीय युवक के लिए हेमवती नंदन बहुगुणा बेस चिकित्सालय श्रीनगर एक बार फिर उम्मीद का केंद्र बनकर उभरा। अस्पताल के न्यूरो सर्जरी विभाग की विशेषज्ञ टीम ने लगभग चार घंटे तक चले अत्यंत जटिल ऑपरेशन के माध्यम से युवक की जान बचाने का सफल प्रयास किया। वर्तमान में मरीज को वेंटिलेटर सपोर्ट पर गहन चिकित्सा इकाई (आईसीयू) में भर्ती रखा गया है,जहां विशेषज्ञ चिकित्सकों की सतत निगरानी में उसका उपचार जारी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार दिल्ली निवासी सत्यम (18 वर्ष) केदारनाथ यात्रा के दौरान अचानक सिर पर भारी पत्थर गिरने से गंभीर रूप से घायल हो गया। प्राथमिक उपचार के बाद उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अगस्त्यमुनि से तत्काल रेफर कर अचेत अवस्था में श्रीकोट स्थित बेस चिकित्सालय लाया गया। अस्पताल पहुंचते ही न्यूरो सर्जरी विभाग के सहायक आचार्य डॉ.प्रभात पुरोहित ने बिना समय गंवाए मरीज का सीटी स्कैन कराया। जांच में पता चला कि सिर की हड्डी कई स्थानों से टूटकर मस्तिष्क के भीतर धंस गई है,जिससे उसकी स्थिति अत्यंत गंभीर और जीवन के लिए संकटपूर्ण हो चुकी थी। मरीज की नाजुक हालत को देखते हुए चिकित्सकों ने परिजनों को तत्काल शल्य चिकित्सा की आवश्यकता से अवगत कराया। सहमति मिलते ही बुधवार देर रात करीब 12 बजे आपातकालीन न्यूरो सर्जरी शुरू की गई, जो लगातार लगभग सुबह 4 बजे तक चली। ऑपरेशन के दौरान मस्तिष्क में धंसी हड्डी को अत्यंत सावधानी और विशेषज्ञता के साथ बाहर निकाला गया तथा आवश्यक शल्य चिकित्सा कर मस्तिष्क पर पड़े दबाव को कम किया गया। सफल ऑपरेशन के बाद मरीज को वेंटिलेटर सपोर्ट के साथ आईसीयू में स्थानांतरित कर दिया गया,जहां उसकी स्थिति पर चौबीसों घंटे निगरानी रखी जा रही है। इस जटिल ऑपरेशन का नेतृत्व न्यूरो सर्जरी विभाग के प्रोफेसर डॉ.देवेंद्र कुमार एवं सहायक आचार्य डॉ.प्रभात पुरोहित ने किया। वहीं एनेस्थीसिया विभाग से सहायक आचार्य डॉ.मोहित सैनी एवं उनकी टीम ने ऑपरेशन के दौरान महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। नर्सिंग अधिकारी जी.एल.सैनी,अनु जुयाल,अंकित,प्रियंका सेमवाल और अंजली सहित समूची ऑपरेशन टीम ने समन्वित प्रयासों से इस चुनौतीपूर्ण शल्य चिकित्सा को सफलतापूर्वक संपन्न कराया। उल्लेखनीय है कि बेस चिकित्सालय श्रीनगर का न्यूरो सर्जरी विभाग लगातार जटिल मामलों में सफलता हासिल कर रहा है। इससे पूर्व 23 जुलाई को भी न्यूरो सर्जन डॉ.प्रभात पुरोहित ने रुद्रप्रयाग के कालीमठ क्षेत्र की 85 वर्षीय महिला के मस्तिष्क में जमे गंभीर रक्तस्राव (सबड्यूरल हेमेटोमा) का सफल ऑपरेशन कर उन्हें स्वस्थ अवस्था में अस्पताल से छुट्टी दिलाई थी। लगातार जटिल मस्तिष्क शल्य चिकित्सा में मिल रही सफलता ने हेमवती नंदन बहुगुणा बेस चिकित्सालय श्रीनगर को गढ़वाल मंडल में गंभीर ब्रेन इंजरी एवं न्यूरो आपातकालीन उपचार का एक विश्वसनीय केंद्र बना दिया है। विशेष रूप से केदारनाथ यात्रा मार्ग पर होने वाली दुर्घटनाओं के दौरान गंभीर रूप से घायल मरीजों को अब स्थानीय स्तर पर ही उच्च स्तरीय न्यूरो सर्जरी सुविधा उपलब्ध हो रही है,जिससे अनेक मरीजों को समय पर उपचार मिलने के साथ जीवनदान भी मिल रहा है।