हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी
श्रीनगर गढ़वाल। उच्च शिक्षा की नई उड़ान भरने का अवसर अब हजारों युवाओं के सामने है। हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए स्नातकोत्तर एवं विभिन्न व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में प्रवेश प्रक्रिया का विधिवत शुभारंभ कर दिया है। विश्वविद्यालय प्रवेश परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों के लिए प्रवेश पंजीकरण पोर्टल सक्रिय कर दिया गया है,जिसके माध्यम से विद्यार्थी अपनी योग्यता एवं वरीयता के अनुसार विश्वविद्यालय परिसर और संबद्ध महाविद्यालयों का चयन कर सकेंगे। विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि प्रवेश प्रक्रिया पूर्णतः पारदर्शी,मेरिट आधारित तथा भारत सरकार की आरक्षण नीति के अनुरूप संचालित की जाएगी। विद्यार्थियों से अंतिम तिथि की प्रतीक्षा न करते हुए समय रहते प्रवेश पंजीकरण पूर्ण करने की अपील की गई है। विश्वविद्यालय द्वारा गत 17 से 20 जून 2026 तक विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर आयोजित विश्वविद्यालय प्रवेश परीक्षा का सफल संचालन किया गया था। प्रवेश परीक्षा समन्वयक डॉ.प्रीतम सिंह नेगी ने बताया कि इस परीक्षा के लिए 13,900 अभ्यर्थियों ने पंजीकरण कराया था। इनमें 2,273 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे,जबकि 9,877 अभ्यर्थियों ने सफलता प्राप्त कर प्रवेश की दौड़ में स्थान बनाया। अब सफल अभ्यर्थी स्नातकोत्तर,स्नातकोत्तर डिप्लोमा,बीएड,बीपीएड,विधि स्नातक तथा पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान स्नातक सहित विभिन्न पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए विश्वविद्यालय के परिसरों तथा संबद्ध महाविद्यालयों एवं संस्थानों की वरीयताएं ऑनलाइन दर्ज कर सकेंगे। छात्र अधिष्ठाता कल्याण प्रो.ओ.पी.गुसाईं द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार प्रवेश पंजीकरण पोर्टल 29 जुलाई से 5 अगस्त 2026 तक खुला रहेगा। उन्होंने सभी पात्र अभ्यर्थियों से निर्धारित समय सीमा के भीतर प्रवेश पोर्टल पर लॉगिन कर अपनी पसंद के परिसर एवं महाविद्यालयों की वरीयता सावधानीपूर्वक दर्ज करने तथा निर्धारित पंजीकरण शुल्क जमा करने का आग्रह किया है। विश्वविद्यालय ने बताया कि सीटों का आवंटन अभ्यर्थियों की मेरिट,पात्रता,उपलब्ध सीटों,आरक्षण नियमों तथा अभ्यर्थियों द्वारा दर्ज की गई वरीयताओं के आधार पर किया जाएगा। इसलिए अभ्यर्थियों को प्रवेश सूचना पुस्तिका का गहन अध्ययन कर सभी विवरण सही एवं पूर्ण रूप से भरने की सलाह दी गई है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने दोहराया कि समय पर पंजीकरण करने वाले अभ्यर्थियों को उनकी योग्यता और वरीयता के अनुरूप परिसर अथवा संबद्ध महाविद्यालय में प्रवेश मिलने की संभावना अधिक रहेगी। इसलिए सभी सफल अभ्यर्थी अंतिम समय की भीड़ से बचते हुए शीघ्र प्रवेश प्रक्रिया पूर्ण करें,ताकि नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत बिना किसी असुविधा के हो सके।