पैरामेडिकल इंटर्न की मांगे पहुंची उच्चस्तरीय पर-प्राचार्य ने धरना समाप्त कर कार्य पर लौटने की अपील

हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी श्रीनगर गढ़वाल। हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय से संबद्ध मेडिकल कॉलेज के बेस चिकित्सालय श्रीनगर के ओपीडी परिसर में अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे पैरामेडिकल संवर्ग के

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हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी

श्रीनगर गढ़वाल। हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय से संबद्ध मेडिकल कॉलेज के बेस चिकित्सालय श्रीनगर के ओपीडी परिसर में अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे पैरामेडिकल संवर्ग के इंटर्न छात्र-छात्राओं से मंगलवार को मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने वार्ता की। चिकित्सा अधीक्षक कार्यालय में आयोजित बैठक में मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ.सीएमएस रावत एवं चिकित्सा अधीक्षक डॉ.ए.एन.पांडेय ने आंदोलित पैरामेडिकल इंटर्न की समस्याओं एवं मांगों को विस्तार से सुना। बैठक के दौरान कॉलेज प्रशासन ने स्पष्ट किया कि पैरामेडिकल इंटर्न से संबंधित मांगों एवं प्रत्यावेदन को निदेशालय एवं शासन स्तर पर पूर्व में ही अग्रसारित किया जा चुका है। अधिकारियों ने कहा कि मामले में आगे की कार्रवाई अब संबंधित उच्चस्तरीय स्तर से की जानी है। प्राचार्य ने छात्रों को उच्च स्तर पर भेजे गए पत्रों की जानकारी देने के साथ ही निदेशक चिकित्सा शिक्षा की ओर से प्राचार्य को भेजे गए पत्र के संबंध में भी अवगत कराया। प्राचार्य डॉ.सीएमएस रावत ने कहा कि पैरामेडिकल इंटर्न की ओर से उठाए गए विषय को गंभीरता से लेते हुए संबंधित पत्राचार उच्च स्तर पर भेजा गया है। चूंकि प्रकरण निदेशालय एवं शासन स्तर से संबंधित है,इसलिए आवश्यक प्रक्रिया वहीं से पूरी होनी है। उन्होंने आंदोलित छात्र-छात्राओं से आग्रह किया कि उच्च स्तर पर प्रकरण अग्रसारित किए जाने को देखते हुए धरना समाप्त कर अपनी इंटर्नशिप एवं नियमित कार्यों में वापस लौटें। प्राचार्य डॉ.रावत ने कहा कि बेस चिकित्सालय में प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीज उपचार एवं स्वास्थ्य सेवाओं के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में अस्पताल परिसर में चल रहे धरना-प्रदर्शन का असर मरीजों तथा चिकित्सा सेवाओं की नियमित व्यवस्थाओं पर पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि मरीजों को समय पर उपचार और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना अस्पताल प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने पैरामेडिकल इंटर्न से अपील की कि अपनी मांगों को लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से प्रशासन के समक्ष रखते हुए अस्पताल की चिकित्सा व्यवस्था और मरीजों के हितों का भी पूरा ध्यान रखा जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार से स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित न हों,इसके लिए सभी पक्षों को सहयोग की भावना से आगे बढ़ना चाहिए। चिकित्सा अधीक्षक डॉ.ए.एन.पांडेय ने कहा कि पैरामेडिकल इंटर्न के लिए इंटर्नशिप उनके प्रशिक्षण एवं व्यावहारिक अनुभव का महत्वपूर्ण हिस्सा है। वर्तमान में आंदोलन के कारण उनके अपने आवश्यक कार्य एवं प्रशिक्षण संबंधी गतिविधियां भी प्रभावित हो रही हैं। उन्होंने छात्र-छात्राओं से आग्रह किया कि वे अपनी शैक्षणिक एवं प्रशिक्षण संबंधी जिम्मेदारियों को भी ध्यान में रखें। डॉ.पांडेय ने कहा कि शासन एवं निदेशालय स्तर पर किसी भी प्रकरण की प्रक्रिया में समय लग सकता है। इसलिए छात्रों को धैर्य बनाए रखते हुए संबंधित स्तर से होने वाली कार्रवाई का इंतजार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि अस्पताल प्रशासन की ओर से प्रकरण को उचित स्तर तक पहुंचाया जा चुका है और अब निर्धारित प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई होनी है। बैठक के दौरान मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने पैरामेडिकल इंटर्न छात्र-छात्राओं को भरोसा दिलाया कि उनकी ओर से उठाई गई मांगों और विषय को उच्च स्तर पर प्रेषित किया जा चुका है। अधिकारियों ने कहा कि संबंधित पत्राचार एवं प्रक्रिया के अनुसार आवश्यक कार्रवाई के लिए प्रकरण निदेशालय/शासन स्तर पर भेजा गया है। वहीं आंदोलित पैरामेडिकल छात्र-छात्राओं ने भी बैठक में अपनी समस्याओं एवं मांगों को अधिकारियों के समक्ष विस्तार से रखा। दोनों पक्षों के बीच मांगों,वर्तमान स्थिति और आगे की प्रक्रिया को लेकर चर्चा हुई। मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने एक बार फिर छात्र-छात्राओं से शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने,धरना समाप्त करने तथा अस्पताल एवं मेडिकल कॉलेज की चिकित्सा एवं शैक्षणिक व्यवस्थाओं में सहयोग करने की अपील की। अब पैरामेडिकल इंटर्न से जुड़ा यह प्रकरण निदेशालय एवं शासन स्तर पर होने वाली आगामी कार्रवाई पर निर्भर है। प्रशासन की ओर से जहां छात्रों को प्रक्रिया आगे बढ़ने का भरोसा दिया गया है,वहीं छात्रों की मांगों पर उच्च स्तर से होने वाले निर्णय पर सभी की निगाहें टिकी हैं।

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