हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी
जखोली/रुद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल। पहाड़ों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने एक बार फिर जनजीवन को झकझोर कर रख दिया है। विकासखंड जखोली की सिलगढ़ एवं बांगर पट्टियों के कई गांवों में भारी वर्षा और भूस्खलन से व्यापक तबाही मची है। जगह-जगह पहाड़ियों से मलबा और बोल्डर गिरने से आवासीय भवन,गौशालाएं,कृषि भूमि और संपर्क मार्ग बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं। कई परिवारों के सामने आजीविका और सुरक्षित आश्रय का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। प्रभावित ग्रामीणों ने प्रशासन से शीघ्र राहत एवं मुआवजे की मांग की है। बुधवार को पूर्व क्षेत्र पंचायत प्रमुख एवं कांग्रेस नेता प्रदीप थपलियाल ने क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों तथा राजस्व एवं कृषि विभाग की टीम के साथ प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण कर नुकसान का जायजा लिया। उन्होंने पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर उन्हें हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया तथा शासन-प्रशासन से तत्काल राहत और मुआवजा उपलब्ध कराने की मांग की। बताया गया कि मंगलवार रात्रि हुई भीषण वर्षा के दौरान ग्राम पंचायत पौंठी के ह्यूना तोक में पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा और पत्थर आने से लगभग दस परिवारों के घरों में मलबा घुस गया,जिससे मकानों को भारी क्षति पहुंची। कई परिवार भय और असुरक्षा के माहौल में रात गुजारने को मजबूर हुए। वहीं पौंठी गांव में बरसिर-बधाणी मोटर मार्ग के विभिन्न हिस्सों-पौंठगाड़,मुन्याघर तथा खलियाण बांगर के समीप गदेरों के उफान पर आने से सड़क कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो गई। पहाड़ियों से आया मलबा लोगों के घरों,गौशालाओं और खेतों में भर गया,जिससे फसलों और संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचा। कई स्थानों पर यातायात भी बाधित हो गया। धारकुड़ी बांगर में उफनते गदेरों ने धान की तैयार फसल वाले खेतों को तहस-नहस कर दिया,जिससे किसानों को भारी आर्थिक क्षति हुई है। वहीं लिस्वाल्टा गांव में सक्रिय भूस्खलन के कारण कई आवासीय भवनों पर खतरा मंडरा रहा है,जिससे ग्रामीणों में भय का वातावरण बना हुआ है। पूर्व प्रमुख प्रदीप थपलियाल ने पौंठी,ह्यूना,मुन्याघर,खलियाण,लिस्वाल्टा,जखवाड़ी,सन् एवं धारकुड़ी बांगर सहित विभिन्न प्रभावित गांवों का दौरा कर वास्तविक स्थिति का जायजा लिया। राजस्व एवं कृषि विभाग की टीम ने भी मौके पर पहुंचकर क्षति का प्रारंभिक आकलन किया। प्रदीप थपलियाल ने कहा कि प्राकृतिक आपदा से प्रभावित परिवार पहले ही गहरे संकट में हैं। ऐसे समय में प्रशासन को संवेदनशीलता दिखाते हुए तत्काल आर्थिक सहायता,क्षतिपूर्ति और पुनर्वास की प्रक्रिया शुरू करनी चाहिए,ताकि पीड़ित परिवारों को शीघ्र राहत मिल सके। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रभावितों को शीघ्र मुआवजा नहीं दिया गया तो स्थानीय जनता एवं जनप्रतिनिधियों के साथ जिलाधिकारी कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने प्रशासन से क्षतिग्रस्त मोटर मार्गों को शीघ्र सुचारु करने,भूस्खलन संभावित क्षेत्रों का वैज्ञानिक सर्वे कराने तथा प्रभावित परिवारों के सुरक्षित पुनर्वास की दिशा में तत्काल प्रभावी कदम उठाने की भी मांग की। क्षेत्र भ्रमण के दौरान जिला पंचायत सदस्य घ्यालू लाल,क्षेत्र पंचायत सदस्य जयेन्द्र सिंह रावत,प्रधान प्रतिनिधि रमेश कण्डारी,तेज सिंह रावत,क्षेत्र पंचायत प्रतिनिधि जयदीप पंवार,प्रधान स्नेहलता,आजाद पंवार,पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य भीम सिंह रावत,सुखवीर सिंह जाखी,विजय सिंह रावत,प्रदीप रावत,विजयदीप रावत सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं ग्रामीण उपस्थित रहे। उन्होंने भी प्रशासन से प्रभावित परिवारों को शीघ्र राहत उपलब्ध कराने की मांग दोहराई।