
हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी
श्रीनगर गढ़वाल। श्रीनगर में वाल्मीकि समाज के लिए एक ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण पहल सामने आई है। वाल्मीकि समाज के लंबे समय से चले आ रहे अनुरोध को स्वीकार करते हुए समाजसेवी संजय खंडूरी ने वाल्मीकि चौक को भव्य एवं आकर्षक स्वरूप प्रदान करने के उद्देश्य से अपनी निजी भूमि धार्मिक एवं सामाजिक कार्य के लिए दान करने का सराहनीय निर्णय लिया। उन्होंने भूमि दान की लिखित सहमति भी समाज को सौंप दी,जिसे समाज ने एक अनुकरणीय एवं प्रेरणादायी कदम बताते हुए उनका हृदय से आभार व्यक्त किया। वाल्मीकि समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि यह केवल भूमि दान नहीं,बल्कि समाज की आस्था,संस्कृति और धार्मिक भावनाओं के सम्मान का प्रतीक है। इस पहल से भविष्य में वाल्मीकि चौक को एक भव्य पहचान मिलेगी और यह सामाजिक एवं धार्मिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बन सकेगा। समाज के लोगों ने इस महत्वपूर्ण कार्य के लिए संजय खंडूरी का विशेष रूप से अभिनंदन करते हुए कहा कि उनका यह योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा। साथ ही श्रीनगर की महापौर आरती भण्डारी एवं वरिष्ठ समाजसेवी लखपत भण्डारी के प्रति भी समाज ने आभार व्यक्त किया जिनके सहयोग,सकारात्मक प्रयासों एवं मार्गदर्शन से यह महत्वपूर्ण पहल साकार हो सकी। वाल्मीकि समाज ने उन सभी बुद्धिजीवी,समाजसेवियों एवं समर्पित कार्यकर्ताओं का भी धन्यवाद ज्ञापित किया,जिन्होंने समाजहित में निरंतर प्रयास करते हुए इस कार्य को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। समाज के प्रतिनिधियों ने विश्वास व्यक्त किया कि भविष्य में भी इसी प्रकार सामाजिक एकता,सहयोग और जनभागीदारी से समाज के विकास एवं धार्मिक कार्यों को नई दिशा मिलती रहेगी। इस अवसर पर राजेश कुमार पारछा,जयपाल सिंह टांक,मनोज कुमार सिरसवाल,मोहन सहदेव,सुनील सौदे,रोहित ढिंगिया,राजीव सिलेलान,पुष्पेन्द्र घाघट,विजय कुमार,दाताराम,श्यामला,मोहन झिझावर,संजय वीरपवार,अनेश पारछा,संजीव वाल्मीकि सहित बड़ी संख्या में वाल्मीकि समाज के गणमान्य लोग उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में इस ऐतिहासिक पहल का स्वागत करते हुए इसे समाज के लिए मील का पत्थर बताया।