
हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। युवाओं को आत्मनिर्भर,रोजगारपरक एवं उद्यमशील बनाने की दिशा में जनपद पौड़ी में एक नई पहल की शुरुआत हुई। जिलाधिकारी स्वाति एस.भदौरिया ने मंगलवार को राजकीय पॉलिटेक्निक संस्थान श्रीनगर में उद्योग विभाग के तत्वावधान में आयोजित एक दिवसीय उद्यमिता एवं स्वरोजगार जागरूकता कार्यशाला का शुभारंभ किया। कार्यशाला में विद्यार्थियों को स्वरोजगार,स्टार्टअप,कौशल विकास,लघु उद्योग,पर्यटन आधारित उद्यम तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गयी। युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ रोजगारपरक अवसरों से जोड़ना जिला प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल है। इसी उद्देश्य से पूर्व में जनपद के विभिन्न उच्च शिक्षण संस्थानों के प्राचार्यों एवं प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर विद्यार्थियों को रोजगारपरक प्रशिक्षण,कौशल विकास एवं करियर मार्गदर्शन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए थे। उन्हीं निर्देशों के क्रम में इस कार्यशाला का आयोजन किया गया है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन ने उच्च शिक्षण संस्थानों के साथ निरंतर समन्वय स्थापित करते हुए उनके सुझावों एवं आवश्यकताओं को भी कार्ययोजना में शामिल किया है,ताकि विद्यार्थियों की वास्तविक जरूरतों के अनुरूप कार्यक्रम संचालित किए जा सकें। उन्होंने बताया कि शिक्षण संस्थानों में अध्ययन का बेहतर वातावरण उपलब्ध कराने के लिए स्मार्ट क्लास,फर्नीचर,पेयजल एवं शौचालय जैसी आधारभूत सुविधाओं को सुदृढ़ किया गया है। साथ ही प्रशासन का लक्ष्य विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ रोजगार,कौशल एवं उद्यमिता से जोड़ना भी है। जिलाधिकारी ने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य केवल सरकारी नौकरियों की तैयारी तक विद्यार्थियों का मार्गदर्शन सीमित रखना नहीं है,बल्कि उन्हें उनकी रुचि,योग्यता एवं क्षमता के अनुरूप सभी उपलब्ध करियर विकल्पों से परिचित कराना है। उन्होंने कहा कि सरकारी सेवाओं के साथ-साथ निजी कंपनियों में प्लेसमेंट,स्टार्टअप,स्वरोजगार,उद्यमिता एवं सेवा क्षेत्र में भी व्यापक संभावनाएं उपलब्ध हैं। यदि युवाओं को समय पर उचित करियर परामर्श,कौशल प्रशिक्षण तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी मिले,तो वे न केवल स्वयं आत्मनिर्भर बन सकते हैं,बल्कि अन्य लोगों के लिए भी रोजगार के नए अवसर सृजित कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं को रोजगार तलाशने वाला नहीं,बल्कि रोजगार सृजित करने वाला बनाने की दिशा में जिला प्रशासन गंभीरता से कार्य कर रहा है। यह पहल मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सेवा,सुशासन एवं विकास के विजन तथा आत्मनिर्भर उत्तराखंड के संकल्प को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। जिलाधिकारी ने संस्थान के प्लेसमेंट प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि विद्यार्थियों की प्रोफाइलिंग कर उनकी रुचियों एवं क्षमताओं का आकलन किया जाए। जो विद्यार्थी अपना उद्यम स्थापित करना चाहते हैं,उन्हें आवश्यक मार्गदर्शन,प्रशिक्षण एवं अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम पूरी तरह संवादात्मक होने चाहिए,जिनमें विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं को प्राथमिकता देते हुए उनके प्रत्येक प्रश्न का समाधान किया जाए। उन्होंने कहा कि जनपद के सभी उच्च शिक्षण संस्थानों में इसी प्रकार के उद्यमिता एवं स्वरोजगार जागरूकता सत्र आयोजित किए जाएंगे,ताकि प्रत्येक युवा तक सरकारी योजनाओं,कौशल विकास कार्यक्रमों और रोजगार के विविध अवसरों की जानकारी पहुंच सके। उन्होंने यह भी कहा कि राजकीय पॉलिटेक्निक संस्थान की आवश्यकताओं,जैसे स्मार्ट क्लास,आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाओं एवं अन्य आधारभूत संसाधनों के संबंध में प्रस्ताव प्रस्तुत किए जाने पर जिला प्रशासन हरसंभव सहयोग प्रदान करेगा। मुख्य विकास अधिकारी अशोक जोशी ने कहा कि वर्तमान समय नवाचार और नए विचारों का है। युवाओं को अपनी रुचि और प्रतिभा के अनुरूप कार्यक्षेत्र का चयन करते हुए जोखिम उठाने की सकारात्मक सोच विकसित करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अपुणी सरकार पोर्टल पर विभिन्न विभागों की योजनाओं की जानकारी उपलब्ध है,जिसका लाभ लेकर युवा अपना उद्यम स्थापित कर सकते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों का आह्वान किया कि वे केवल नौकरी प्राप्त करने की सोच तक सीमित न रहें,बल्कि रोजगार उपलब्ध कराने वाले सफल उद्यमी बनने का लक्ष्य निर्धारित करें। राजकीय पॉलिटेक्निक संस्थान की प्राचार्या डॉ.भारती ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि जिला उद्योग केंद्र के सहयोग से आयोजित इस कार्यशाला का उद्देश्य युवाओं को स्वरोजगार, उद्यमिता एवं सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूक करना है। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण कौशल विकास ही आत्मनिर्भरता की मजबूत नींव है। स्वरोजगार की असीम संभावनाओं का लाभ उठाकर युवा न केवल अपना भविष्य संवार सकते हैं,बल्कि समाज के अन्य लोगों के लिए भी रोजगार के अवसर उपलब्ध करा सकते हैं। उन्होंने संस्थान की उपलब्धियों की जानकारी देते हुए इस प्रकार की कार्यशालाओं को विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास एवं रोजगार क्षमता बढ़ाने में अत्यंत उपयोगी बताया। कार्यशाला के विभिन्न तकनीकी एवं विषयगत सत्रों में विशेषज्ञों ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अंतर्गत कौशल आधारित एवं रोजगारोन्मुख शिक्षा की अवधारणा,तकनीकी शिक्षा के बदलते स्वरूप तथा उद्योगों की वर्तमान आवश्यकताओं के अनुरूप स्वयं को तैयार करने के उपायों पर विस्तार से प्रकाश डाला। जिला सेवायोजन कार्यालय द्वारा उपलब्ध कराई जाने वाली सेवाओं,रोजगार पंजीकरण,करियर काउंसलिंग,रोजगार मेलों तथा रोजगार संबंधी अन्य सुविधाओं की विस्तृत जानकारी भी विद्यार्थियों को दी गई। विशेषज्ञों ने प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम,मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना,स्टार्टअप एवं उद्यमिता विकास से जुड़ी विभिन्न योजनाओं,बैंक ऋण,सब्सिडी,परियोजना तैयार करने की प्रक्रिया,कौशल विकास प्रशिक्षण तथा स्वरोजगार के विविध अवसरों पर विस्तार से जानकारी साझा की। पर्यटन,होमस्टे,खाद्य प्रसंस्करण,हस्तशिल्प,सेवा क्षेत्र,डिजिटल उद्यम और अन्य स्थानीय संसाधनों पर आधारित उद्यमों की संभावनाओं से भी विद्यार्थियों को अवगत कराया गया। साथ ही उन्हें बताया गया कि विभिन्न विभागों की योजनाओं का लाभ लेने के लिए किस प्रकार आवेदन किया जा सकता है तथा संबंधित विभागों से किस प्रकार मार्गदर्शन और सहयोग प्राप्त किया जा सकता है। कार्यक्रम में विशेषज्ञों एवं अधिकारियों ने विद्यार्थियों के साथ संवाद स्थापित करते हुए उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया तथा उन्हें अपनी रुचि,क्षमता और स्थानीय संसाधनों के अनुरूप रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसरों का चयन करने के लिए प्रेरित किया। पूरे कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए विभिन्न विषयों पर प्रश्न पूछे और उद्यमिता,स्टार्टअप तथा स्वरोजगार के प्रति विशेष रुचि एवं उत्साह का परिचय दिया। जिलाधिकारी ने पॉलिटेक्निक संस्थान के कक्षाकक्षों,विभिन्न शाखाओं तथा प्लेसमेंट व्यवस्था का निरीक्षण कर जानकारी प्राप्त की। इस दौरान प्लेसमेंट सेल की प्रभारी रीना नवानी ने अवगत कराया कि संस्थान के विद्यार्थियों का विभिन्न राष्ट्रीय कंपनियों में प्लेसमेंट कराया जाता है। इस पर जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सिडकुल स्थित औद्योगिक इकाइयों से भी समन्वय स्थापित कर विद्यार्थियों के लिए अधिकाधिक रोजगार एवं प्लेसमेंट के अवसर सुनिश्चित किए जाएं। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी अशोक जोशी,उप जिलाधिकारी श्रीनगर नूपुर वर्मा,महाप्रबंधक उद्योग सोमनाथ गर्ग,मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ.विशाल शर्मा,जिला पर्यटन अधिकारी कमल किशोर जोशी,लीड बैंक प्रबंधक किशन रावत सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी,शिक्षण स्टाफ एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।