
हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। बरसात के मौसम में सुरक्षित,सुगम और टिकाऊ सड़क व्यवस्था सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी स्वाति एस.भदौरिया ने मंगलवार को पौड़ी-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग का व्यापक स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता,जल निकासी व्यवस्था,मलबा प्रबंधन,ढलानों की सुरक्षा तथा श्रमिकों की सुरक्षा व्यवस्थाओं का गहन जायजा लिया। जहां-जहां खामियां मिलीं,वहां उन्होंने संबंधित अधिकारियों एवं कार्यदायी संस्था को कड़ी फटकार लगाते हुए समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग जैसे महत्वपूर्ण निर्माण कार्यों में गुणवत्ता,सुरक्षा और पर्यावरणीय मानकों से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। निरीक्षण के दौरान पौड़ी बस अड्डे के समीप श्रीनगर रोड की ओर बरसाती जल निकासी के लिए बनी नाली की जर्जर एवं अव्यवस्थित स्थिति पर जिलाधिकारी ने गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने लोक निर्माण विभाग राष्ट्रीय राजमार्ग के अधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर नई नाली का निर्माण कराने के निर्देश दिए,ताकि बरसात के दौरान जलभराव और सड़क क्षति जैसी समस्याओं से लोगों को राहत मिल सके। विभाग के सहायक अभियंता ने आश्वस्त किया कि नाली निर्माण का कार्य एक माह के भीतर पूरा कर लिया जाएगा। निरीक्षण के दौरान नगर पालिका परिषद के सभासदों ने जिलाधिकारी को अवगत कराया कि बरसात के समय नाली जाम होने के कारण पानी पौड़ी गांव की ओर बह जाता है, जिससे कई मकानों के आसपास भू-धंसाव जैसी गंभीर स्थिति उत्पन्न हो रही है। इस पर जिलाधिकारी ने अधिशासी अधिकारी,नगर पालिका परिषद को निर्देशित किया कि नाली निर्माण कार्य की नियमित निगरानी की जाए तथा प्रतिदिन प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए, जिससे कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही न हो। इसके बाद जिलाधिकारी ने पौड़ी-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर चल रहे चौड़ीकरण कार्यों का भी निरीक्षण किया। सड़क किनारे बिखरे पत्थरों और मलबे को देखकर उन्होंने कार्यदायी संस्था पर नाराजगी जताई और तत्काल मलबा हटाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सड़क पर अनावश्यक मलबा छोड़ना न केवल यातायात के लिए खतरा है बल्कि पर्यावरणीय मानकों का भी उल्लंघन है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय पर मलबा नहीं हटाया गया तो इसे अवैध भंडारण मानते हुए नियमानुसार चालान एवं अन्य कार्रवाई की जाएगी। डंपिंग जोन के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि किसी भी नए डंपिंग स्थल पर मलबा डालने से पहले गेबियन वॉल-सुरक्षात्मक दीवार का निर्माण अनिवार्य रूप से किया जाए। साथ ही पूर्व में निर्मित गेबियन वॉल की गुणवत्ता और प्रभावशीलता की जांच कर आवश्यकतानुसार अतिरिक्त सुरक्षा कार्य तत्काल प्रारंभ किए जाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सुरक्षात्मक व्यवस्थाएं सुनिश्चित किए बिना किसी भी स्थान पर मलबा डंप नहीं किया जाएगा। जिलाधिकारी ने पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही कटिंग के दौरान सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करने,ढलानों को वैज्ञानिक तरीके से सुरक्षित बनाने तथा कटिंग के साथ-साथ मलबे का नियमित निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्माण कार्य में लगे सभी श्रमिकों को हेलमेट,सुरक्षा जूते,रिफ्लेक्टिव जैकेट एवं अन्य आवश्यक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए, ताकि किसी प्रकार की दुर्घटना की संभावना न रहे। निरीक्षण के अंत में जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना की विस्तृत कार्ययोजना,समय-सीमा,गेबियन वॉल,ब्लॉक टॉप एवं अन्य निर्माण कार्यों का स्पष्ट रोडमैप शीघ्र प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी कार्य गुणवत्ता,पारदर्शिता,सुरक्षा और निर्धारित समय-सीमा के अनुरूप पूरे किए जाएं,ताकि आमजन को सुरक्षित,सुविधाजनक और आधुनिक सड़क सुविधा उपलब्ध हो सके। निरीक्षण के दौरान सहायक अभियंता धनंजय वर्मा,सभासद अरविंद रावत,प्रदीप असवाल,अधिशासी अधिकारी नगर पालिका संजय कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।