
हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी
श्रीनगर गढ़वाल। जब महिलाएं आत्मनिर्भर बनती हैं तो केवल एक परिवार नहीं,बल्कि पूरा समाज सशक्त होता है। आर्थिक स्वावलंबन ही सामाजिक सम्मान और समृद्ध राष्ट्र की सबसे मजबूत नींव है। इसी विचार को साकार करता हुआ भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा द्वारा आयोजित लखपति दीदी सम्मेलन शुक्रवार को श्रीनगर विधानसभा क्षेत्र के खिर्सू मंडल ब्लॉक सभागार में उत्साह,आत्मविश्वास और महिला सशक्तिकरण के अद्भुत उत्सव के रूप में संपन्न हुआ। सम्मेलन में स्वरोजगार के माध्यम से आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनीं 70 लखपति दीदियों ने अपने संघर्ष,परिश्रम और सफलता की प्रेरक कहानियां साझा करते हुए बताया कि केंद्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं ने उनके जीवन में अभूतपूर्व परिवर्तन लाया है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उत्तराखंड सरकार के कैबिनेट मंत्री डॉ.धन सिंह रावत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं को केवल सरकारी योजनाओं का लाभार्थी नहीं,बल्कि देश के विकास की अग्रिम पंक्ति का नेतृत्वकर्ता बनाया गया है। उन्होंने कहा कि आज उत्तराखंड की महिलाएं स्वयं सहायता समूहों,सहकारिता,स्वरोजगार और सूक्ष्म उद्यमों के माध्यम से अपने परिवारों की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ करने के साथ-साथ प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी नई दिशा दे रही हैं। डॉ.रावत ने कहा कि लखपति दीदी अभियान केवल आय बढ़ाने की योजना नहीं,बल्कि महिलाओं के आत्मविश्वास,सम्मान,नेतृत्व क्षमता और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को साकार करने वाला व्यापक सामाजिक-आर्थिक आंदोलन है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले वर्षों में उत्तराखंड की हजारों महिलाएं इस अभियान से जुड़कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति देंगी और आत्मनिर्भर उत्तराखंड के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। उन्होंने यह भी कहा कि उत्तराखंड देश का पहला राज्य है जिसने सहकारिता चुनावों में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण प्रदान किया,जो महिला नेतृत्व को सशक्त बनाने की दिशा में ऐतिहासिक निर्णय है। आज इस पहल का अनुसरण देश के अन्य राज्य भी कर रहे हैं,जो उत्तराखंड के लिए गौरव का विषय है। राज्य मंत्री अनुराधा वालिया ने कहा कि उत्तराखंड की महिलाएं आज प्रत्येक क्षेत्र में अपनी प्रतिभा,नेतृत्व क्षमता और आत्मविश्वास का परिचय दे रही हैं। जो महिलाएं कभी केवल घरेलू दायित्वों तक सीमित थीं,वे आज स्वयं सहायता समूहों,उद्यमिता और सहकारिता के माध्यम से न केवल स्वयं आत्मनिर्भर बन रही हैं,बल्कि अन्य महिलाओं को भी रोजगार और प्रेरणा प्रदान कर रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शी सोच के परिणामस्वरूप आज गांव-गांव की महिलाएं आर्थिक,सामाजिक और नेतृत्व के क्षेत्र में नई पहचान बना रही हैं। मातृशक्ति का यह सशक्त स्वरूप विकसित भारत और विकसित उत्तराखंड की आधारशिला है। सम्मेलन के दौरान उपस्थित लखपति दीदियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि सरकारी योजनाओं,स्वयं सहायता समूहों और स्वरोजगार के माध्यम से उन्होंने आर्थिक आत्मनिर्भरता प्राप्त की है। उनके अनुभवों ने उपस्थित महिलाओं में नया आत्मविश्वास और नई ऊर्जा का संचार किया। इस अवसर पर सभी 70 लखपति दीदियों को स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में महिलाओं को स्वरोजगार,उद्यमिता,वित्तीय सशक्तिकरण तथा विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया गया। सम्मेलन में महिला सशक्तिकरण,आत्मनिर्भरता और सामाजिक परिवर्तन का सशक्त संदेश पूरे क्षेत्र में गूंजता रहा। इस अवसर पर प्रदेश महामंत्री दीप्ति रावत,भाजपा जिला अध्यक्ष कमल किशोर रावत,ब्लॉक प्रमुख अनिल भण्डारी,महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष प्रमिला भण्डारी,जिला प्रभारी रेखा डंगवाल,सह प्रभारी सुनीता कोटनाला सहित महिला मोर्चा की पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में मातृशक्ति उपस्थित रही। सम्मेलन ने यह संदेश दिया कि आत्मनिर्भर महिला ही सशक्त समाज और समृद्ध राष्ट्र की वास्तविक आधारशिला है।