
हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी
श्रीनगर गढ़वाल। हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय में शिक्षा मंत्रालय भारत सरकार के निर्देशानुसार वंदे मातरम् राष्ट्रीय गीत के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित स्मरणोत्सव के अंतर्गत पोस्टर प्रतियोगिता का उत्साहपूर्ण एवं सफल आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में विश्वविद्यालय के बीए,बीएससी,इंजीनियरिंग सहित विभिन्न संकायों एवं विभागों के छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर प्रतिभाग करते हुए अपनी सृजनात्मक प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। विद्यार्थियों ने अपने आकर्षक एवं संदेशपरक पोस्टरों के माध्यम से राष्ट्रभक्ति,भारतीय संस्कृति,स्वतंत्रता संग्राम की गौरवगाथा तथा वंदे मातरम् की ऐतिहासिक,सांस्कृतिक और राष्ट्रीय महत्ता को अत्यंत प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। प्रतियोगिता के दौरान पूरे परिसर में देशभक्ति और राष्ट्रीय चेतना का वातावरण देखने को मिला। प्रतिभागियों की कलाकृतियों में भारत की सांस्कृतिक विरासत,स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान,राष्ट्रीय एकता और मातृभूमि के प्रति समर्पण की भावना स्पष्ट रूप से परिलक्षित हुई। विद्यार्थियों की रचनात्मक अभिव्यक्ति ने उपस्थित सभी शिक्षकों एवं दर्शकों को विशेष रूप से प्रभावित किया। इस अवसर पर अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो.ओ.पी.गुसाईं ने आयोजन स्थल पर पहुंचकर प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम् केवल एक राष्ट्रीय गीत नहीं,बल्कि भारत की सांस्कृतिक चेतना,स्वतंत्रता आंदोलन की प्रेरणाशक्ति और राष्ट्रीय एकता का अमर प्रतीक है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों में राष्ट्रप्रेम,सृजनात्मक सोच,सांस्कृतिक मूल्यों तथा संवैधानिक दायित्वों के प्रति जागरूकता विकसित करने का प्रभावी माध्यम हैं। वंदे मातरम् समिति के समन्वयक डॉ.विश्वेश वाग्मी ने स्मरणोत्सव के अंतर्गत आयोजित होने वाले आगामी कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए विद्यार्थियों से अधिकाधिक सहभागिता का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि कुलपति प्रो.श्रीप्रकाश सिंह के संरक्षण एवं मार्गदर्शन में विश्वविद्यालय में वंदे मातरम् राष्ट्रीय गीत के 150 वर्ष स्मरणोत्सव को भव्य एवं गरिमामय स्वरूप प्रदान किया जा रहा है। इसके अंतर्गत 15 अगस्त तक निबंध,भाषण,पोस्टर,सांस्कृतिक एवं अन्य रचनात्मक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा,जिनका उद्देश्य युवाओं में राष्ट्रभक्ति,सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्रीय मूल्यों को सुदृढ़ करना है। कार्यक्रम में समिति के सदस्य डॉ.नरेश कुमार,डॉ.नेहा मर्तोलिया,डॉ.कपिल पंवार,डॉ.नीतीश बौंठियाल,डॉ.प्रीति सहित विश्वविद्यालय के शिक्षक,शोधार्थी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। सभी ने प्रतिभागियों की रचनात्मक अभिव्यक्ति की सराहना करते हुए इस आयोजन को राष्ट्रप्रेम और सांस्कृतिक चेतना को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया।