हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। मानव तस्करी जैसी गंभीर सामाजिक बुराई के खिलाफ जन-जागरूकता को सशक्त बनाने तथा नागरिकों को उनके कानूनी अधिकारों से अवगत कराने के उद्देश्य से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण पौड़ी गढ़वाल द्वारा 31 जुलाई 2026 (शुक्रवार) को दोपहर 1:30 बजे अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के सभागार लक्ष्मीनारायण मंदिर के निकट पौड़ी में एक विधिक जागरूकता एवं साक्षरता शिविर आयोजित किया जाएगा। यह कार्यक्रम विश्व मानव तस्करी निरोधक दिवस के अवसर पर आयोजित किया जा रहा है। इस शिविर का उद्देश्य समाज के प्रत्येक वर्ग,विशेष रूप से युवाओं,महिलाओं,विद्यार्थियों एवं ग्रामीण समुदाय को मानव तस्करी के बढ़ते खतरे के प्रति जागरूक करना तथा इस अपराध की रोकथाम में जनसहभागिता को बढ़ावा देना है। कार्यक्रम में विशेषज्ञ वक्ता मानव तस्करी के विभिन्न स्वरूपों,इसके कारणों,पीड़ितों के अधिकारों,कानूनी संरक्षण,पुनर्वास व्यवस्था तथा निःशुल्क विधिक सहायता से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां साझा करेंगे। शिविर में यह भी बताया जाएगा कि मानव तस्करी की पहचान कैसे की जाए,संदिग्ध गतिविधियों की सूचना किस प्रकार संबंधित विभागों तक पहुंचाई जाए तथा पीड़ित व्यक्तियों को समय पर सहायता उपलब्ध कराने में समाज और आम नागरिक किस प्रकार महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। विशेषज्ञ प्रतिभागियों को भारतीय कानूनों के अंतर्गत उपलब्ध प्रावधानों, सरकारी योजनाओं तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा प्रदान की जाने वाली निःशुल्क विधिक सेवाओं की भी विस्तार से जानकारी देंगे। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं का समाधान किया जाएगा तथा उन्हें मानव तस्करी के विरुद्ध सजग नागरिक के रूप में अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण का मानना है कि जागरूक समाज ही मानव तस्करी जैसे जघन्य अपराध पर प्रभावी अंकुश लगा सकता है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण पौड़ी गढ़वाल ने सभी नागरिकों,सामाजिक एवं स्वयंसेवी संगठनों,शिक्षण संस्थानों,युवाओं,महिलाओं तथा विद्यार्थियों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में इस विधिक साक्षरता शिविर में प्रतिभाग करें और मानव तस्करी के विरुद्ध चलाए जा रहे जन-जागरूकता अभियान को सफल बनाने में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाएं। जागरूक नागरिक ही मानव तस्करी जैसी सामाजिक बुराई के विरुद्ध सबसे मजबूत सुरक्षा कवच बन सकते हैं।