
हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी
श्रीनगर गढ़वाल। श्रीनगर नगर निगम क्षेत्र में स्वच्छता व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए महापौर आरती भण्डारी ने एक बार फिर सख्त प्रशासनिक कार्रवाई का संदेश दिया है। श्रीकोट गंगानाली क्षेत्र में मेडिकल कॉलेज के निर्माणाधीन भवन की कार्यदायी संस्था द्वारा नालियों को निर्माण सामग्री से अवरुद्ध कर गंदगी फैलाने के मामले में नगर निगम ने कड़ी कार्रवाई करते हुए संबंधित ठेकेदार पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। इस कार्रवाई को नगर निगम द्वारा स्वच्छता के प्रति अपनाई जा रही जीरो टॉलरेंस नीति का स्पष्ट संकेत माना जा रहा है। महापौर आरती भण्डारी ने बताया कि स्थानीय नागरिकों द्वारा लगातार मिल रही शिकायतों के बाद संबंधित निर्माण एजेंसी को कई बार नालियों की सफाई कराने और निर्माण सामग्री हटाने के निर्देश दिए गए थे। बावजूद इसके संस्था द्वारा निर्देशों की अनदेखी की जाती रही,जिससे क्षेत्र में जल निकासी प्रभावित होने के साथ गंदगी फैलने लगी और आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। लगातार मिल रही शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए महापौर स्वयं मौके पर पहुंचीं और स्थिति का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान नाली पूरी तरह निर्माण सामग्री से अवरुद्ध मिली तथा स्वच्छता व्यवस्था प्रभावित पाई गई। इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए उन्होंने नगर निगम अधिकारियों को तत्काल 50 हजार रुपये का चालान करने के निर्देश दिए,जिस पर मौके पर ही कार्रवाई अमल में लाई गई। महापौर आरती भण्डारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि नगर निगम क्षेत्र में स्वच्छता व्यवस्था से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। यदि कोई व्यक्ति,संस्था अथवा निर्माण एजेंसी सार्वजनिक स्थानों पर निर्माण सामग्री डालकर,नालियों को अवरुद्ध कर अथवा गंदगी फैलाकर शहर की स्वच्छता को प्रभावित करेगी,तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कठोर चालानी एवं विधिक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि नगर निगम का उद्देश्य केवल सफाई कराना नहीं,बल्कि नागरिकों के सहयोग से श्रीनगर को स्वच्छ,सुंदर और सुव्यवस्थित शहर के रूप में विकसित करना है। इसके लिए सभी नागरिकों,व्यापारियों एवं निर्माण एजेंसियों का सहयोग आवश्यक है। उन्होंने नगरवासियों से अपील की कि यदि कहीं भी स्वच्छता संबंधी समस्या या लापरवाही दिखाई दे तो उसकी सूचना तत्काल नगर निगम को दें,ताकि समय रहते प्रभावी कार्रवाई की जा सके। महापौर ने विश्वास व्यक्त किया कि जनसहभागिता और प्रशासन की सख्ती के समन्वय से श्रीनगर को स्वच्छ,स्वस्थ और आदर्श नगर बनाने का लक्ष्य निश्चित रूप से प्राप्त किया जा सकेगा। नगर निगम ने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य में स्वच्छता नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध इसी प्रकार की कठोर कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी।