हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी
नई दिल्ली/श्रीनगर गढ़वाल। लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की मजबूती और पत्रकारों के अधिकारों की सुरक्षा को लेकर चल रहे आंदोलन के बीच एक महत्वपूर्ण पहल सामने आई है। केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल राज्य मंत्री रक्षा खडसे ने आंदोलनरत पत्रकारों के प्रतिनिधिमंडल से विस्तृत चर्चा कर उनकी विभिन्न मांगों को गंभीरता से सुना तथा भरोसा दिलाया कि केंद्र सरकार पत्रकारों के हितों के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है और उनकी जायज़ मांगों के समाधान के लिए सकारात्मक एवं प्रभावी कदम उठाए जाएंगे। नई दिल्ली में आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक के दौरान केंद्रीय मंत्री ने पत्रकारों से आंदोलन समाप्त करने की अपील करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में पत्रकारों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। सरकार चाहती है कि संवाद और आपसी सहमति के माध्यम से सभी समस्याओं का समाधान निकले,जिससे पत्रकार निर्भीक,सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण में अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर सकें। रक्षा खडसे ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि पत्रकारों द्वारा उठाए गए सभी मुद्दों को संबंधित मंत्रालयों एवं विभागों के समक्ष गंभीरता से रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार पत्रकारों के हितों की अनदेखी नहीं करेगी तथा उनकी समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक स्तर पर शीघ्र पहल की जाएगी। केंद्रीय मंत्री के सकारात्मक रुख और आश्वासन के बाद पत्रकार संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी आंदोलन की आगामी रणनीति पर विचार-विमर्श प्रारंभ कर दिया है। प्रतिनिधिमंडल ने उम्मीद जताई कि सरकार अपने आश्वासन को शीघ्र धरातल पर उतारेगी और पत्रकारों से जुड़े लंबित मुद्दों का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा। बैठक में वॉइस ऑफ मीडिया की ओर से राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल म्हास्के,महाराष्ट्र राज्य कोर समिति के सदस्य कल्पेश महाले तथा महाराष्ट्र राज्य प्रचार प्रमुख बापूराव ठाकरे उपस्थित रहे। प्रतिनिधिमंडल ने पत्रकारों की सुरक्षा,सम्मान,सामाजिक संरक्षण तथा अन्य महत्वपूर्ण मांगों को विस्तार से केंद्रीय मंत्री के समक्ष रखते हुए उनके शीघ्र समाधान की आवश्यकता पर बल दिया। बैठक सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई। दोनों पक्षों ने इस बात पर सहमति व्यक्त की कि लोकतंत्र को सशक्त बनाने में पत्रकारों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है और उनके अधिकारों एवं हितों की रक्षा के लिए निरंतर संवाद तथा सकारात्मक प्रयास आवश्यक हैं। केंद्रीय मंत्री के आश्वासन के बाद पत्रकारों में यह उम्मीद जगी है कि उनकी वर्षों से लंबित मांगों के समाधान की दिशा में अब ठोस और सकारात्मक पहल देखने को मिलेगी।