
हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। जनसमस्याओं का त्वरित,पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी स्वाति एस.भदौरिया ने मंगलवार को श्रीनगर तहसील सभागार में आयोजित तहसील दिवस में आमजन की शिकायतों को गंभीरता से सुना और अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि जनता की समस्याओं के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही अथवा अनावश्यक विलंब अब किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि शासन की प्राथमिकता जनता को समयबद्ध न्याय एवं प्रभावी प्रशासन उपलब्ध कराना है और प्रत्येक अधिकारी अपनी जिम्मेदारी का पूरी ईमानदारी एवं संवेदनशीलता के साथ निर्वहन सुनिश्चित करें। तहसील दिवस के उपरांत जिलाधिकारी ने पौड़ी से आए सभी जिला स्तरीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे श्रीनगर स्थित अपने-अपने विभागीय कार्यालयों एवं अधिष्ठानों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की समीक्षा करने के बाद ही मुख्यालय लौटें। इसके बाद स्वयं जिलाधिकारी ने तहसील कार्यालय का विस्तृत निरीक्षण कर विभिन्न अनुभागों की कार्यप्रणाली,अभिलेखों के रखरखाव तथा न्यायिक एवं प्रशासनिक व्यवस्थाओं का गहन जायजा लिया। जनसुनवाई के दौरान ग्राम प्रधान बछेली कुलदीप गुसाईं ने सुमाड़ी में निर्माणाधीन डंपिंग जोन से अमधार तल्ली के पेयजल स्रोत की गुणवत्ता प्रभावित होने की शिकायत दर्ज कराई। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने जल संस्थान,निर्माणदायी संस्था एवं राजस्व विभाग की संयुक्त टीम गठित कर तत्काल स्थलीय निरीक्षण करने तथा प्रभावी समाधान प्रस्तुत करने के निर्देश दिए,ताकि ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने में किसी प्रकार की बाधा न आए। इसी प्रकार बलडी तोक में आपदा के कारण क्षतिग्रस्त सिंचाई नहर के संबंध में प्राप्त शिकायत पर उन्होंने दो दिवस के भीतर शिकायतकर्ता की उपस्थिति में संयुक्त निरीक्षण कर पुनर्निर्माण का प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। वहीं पार्षद संदीप सिंह रावत द्वारा वार्ड-40 में प्रस्तावित खेल मैदान एवं विद्युत उपसंस्थान के लिए चिन्हित भूमि के लंबित हस्तांतरण का मामला उठाए जाने पर जिलाधिकारी ने यूपीपीसीएल को प्रशासनिक स्वीकृति उपलब्ध कराने तथा उपजिलाधिकारी को प्राथमिकता के आधार पर आवश्यक कार्रवाई पूरी करने के निर्देश दिए। तहसील कार्यालय के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने एसडीएम न्यायालय एवं तहसीलदार न्यायालय में लंबित राजस्व एवं फौजदारी वादों की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि जिन मामलों में बार-बार सुनवाई के बावजूद कोई ठोस प्रगति नहीं हो रही है,उन्हें अंतिम अवसर प्रदान कर नियमानुसार शीघ्र निस्तारित किया जाए। निरीक्षण के दौरान कुछ मामलों में एक ही कार्य के लिए 15-15 तिथियां दिए जाने पर उन्होंने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि न्यायिक प्रक्रिया में अनावश्यक विलंब प्रशासनिक कार्यशैली पर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है और इसे किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि लंबित पत्रावलियों की नियमित समीक्षा स्वयं करें तथा न्यायिक कार्यों में समयबद्धता एवं पारदर्शिता सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि आमजन को समय पर न्याय उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारी नूपुर वर्मा को तहसील कार्यालय के सभी अनुभागों का विस्तृत निरीक्षण कर कमियों सहित समग्र निरीक्षण आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। नजारत अनुभाग में अभिलेखों एवं पत्रावलियों का रखरखाव संतोषजनक न पाए जाने पर नायब नजीर से स्पष्टीकरण तलब किया गया। संग्रह अनुभाग में राजस्व लेखाकार के पटल का निरीक्षण करते हुए जिलाधिकारी ने राजस्व वसूली की धीमी प्रगति पर भी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कम वसूली करने वाले अमीनों का वेतन रोकने तथा लंबित राजस्व वसूली में अपेक्षित प्रगति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त उन्होंने सीएम हेल्पलाइन,कार्मिक उपस्थिति पंजिका तथा भूलेख अनुभाग के मॉडर्न रिकॉर्ड रूम का भी निरीक्षण किया। खतौनी रजिस्टरों का अवलोकन करते हुए जिलाधिकारी ने रजिस्ट्रार कानूनगो को निर्देश दिए कि सभी अभिलेखों का रखरखाव पूरी जिम्मेदारी,पारदर्शिता एवं व्यवस्थित ढंग से किया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि अभिलेखों के रखरखाव अथवा राजस्व कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही पाई गई तो संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी की व्यक्तिगत जवाबदेही तय करते हुए कठोर कार्रवाई की जाएगी। निरीक्षण के क्रम में जिलाधिकारी ने जिला आपदा परिचालन केंद्र (कंट्रोल रूम) का भी निरीक्षण किया। उन्होंने स्वयं दूरभाष के माध्यम से संपर्क स्थापित कर संचार व्यवस्था की कार्यशीलता की जांच की तथा उपलब्ध उपकरणों एवं संचार संसाधनों का परीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी उपकरण पूर्णतः क्रियाशील एवं अद्यतन स्थिति में रहें,आपदा संबंधी सूचनाओं का आदान-प्रदान त्वरित गति से हो,24×7 सतर्कता बनाए रखी जाए तथा आवश्यक संपर्क सूची नियमित रूप से अपडेट की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि संचार व्यवस्था में किसी भी प्रकार की तकनीकी कमी तत्काल दूर की जाए ताकि किसी भी आपदा की स्थिति में त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। तहसील दिवस एवं निरीक्षण कार्यक्रम के दौरान उपजिलाधिकारी नूपुर वर्मा,तहसीलदार दीपक भंडारी सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी एवं तहसील के समस्त अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। जिलाधिकारी ने अंत में सभी अधिकारियों को जनसेवा की भावना के साथ कार्य करते हुए शासन की मंशा के अनुरूप पारदर्शी,जवाबदेह एवं संवेदनशील प्रशासन सुनिश्चित करने का संदेश दिया।