
हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। जनपद पौड़ी गढ़वाल के ग्राम ऐराड़ी पट्टी सितोनस्यूं-4 स्थित दून हैचरीज लिमिटेड द्वारा क्रय की गई भूमि से जुड़े प्रकरण में जिला प्रशासन ने त्वरित एवं सख्त रुख अपनाते हुए जांच प्रक्रिया तेज कर दी है। जिलाधिकारी के निर्देश पर गठित चार सदस्यीय जांच समिति ने मौके का विस्तृत निरीक्षण कर आवश्यक अभिलेख एवं दस्तावेज एकत्रित करने की कार्रवाई शुरू कर दी है। साथ ही जांच पूरी होने तक संबंधित भूमि पर किसी भी प्रकार के निर्माण कार्य पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है। जिलाधिकारी ने बताया कि पौड़ी-देवप्रयाग राष्ट्रीय राजमार्ग से सटे इस भूमि प्रकरण के संबंध में जनसामान्य एवं सोशल मीडिया के माध्यम से प्राप्त शिकायतों एवं तथ्यों का गंभीरता से संज्ञान लेते हुए 3 अगस्त को अपर जिलाधिकारी एफ.आर.चौहान की अध्यक्षता में चार सदस्यीय जांच समिति का गठन किया गया था। समिति में संयुक्त मजिस्ट्रेट पौड़ी,उप निबंधक पौड़ी तथा जिला विकास प्राधिकरण के प्रभारी अधिशासी अभियंता को सदस्य बनाया गया है,जिन्हें प्रकरण की निष्पक्ष एवं तथ्यपरक जांच का दायित्व सौंपा गया है। जांच समिति ने मौके पर पहुंचकर भूमि की वर्तमान स्थिति,वहां संचालित निर्माण गतिविधियों तथा राजस्व अभिलेखों का गहन निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान भूमि क्रय-विक्रय से जुड़े अभिलेख,स्वीकृतियों,अनुमति पत्रों एवं अन्य आवश्यक दस्तावेजों को एकत्रित करने की प्रक्रिया भी प्रारंभ कर दी गई है। समिति भूमि के स्वामित्व,उपयोग परिवर्तन,निर्माण अनुमति तथा अन्य सभी संबंधित पहलुओं की बिंदुवार जांच कर रही है,ताकि पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके। जिलाधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जांच प्रक्रिया पूरी होने तक संबंधित स्थल पर किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रशासन पूरी निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ मामले की जांच कर रहा है तथा यदि जांच में किसी भी प्रकार की अनियमितता,नियमों का उल्लंघन अथवा अवैध निर्माण के तथ्य सामने आते हैं तो संबंधित व्यक्तियों एवं संस्थाओं के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। जिला प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि जनहित से जुड़े प्रत्येक मामले में पारदर्शिता सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा कानून के दायरे में रहते हुए किसी भी प्रकार की अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जांच समिति की रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।